Social Media : युवा क्लबहाउस को Tinder की तरह प्रयोग कर रहे हैं?

Social Media : ‘व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम, स्नैपचैट, ट्विटर’ ये कुछ चिरपरिचित नाम हैं जो पहले से ही मौजूद हैं हमारा गम बांटने और बढ़ाने के लिए। इसी कड़ी में एक नया नाम जुड़ा है, जिसका नाम है ‘क्लबहाउस’। यह एक आवाज़ निर्धारित सोशल नेटवर्किंग ऐप है। मगर यह कतई जरूरी नहीं कि इसे इस्तेमाल करने के लिए आपको बातूनी, वाचाल या बकवादी होना पड़ेगा। आप यहाँ श्रोता बनकर समय गुज़ार सकते हैं और सुनते सुनते उकता गये तो रूम छोड़ कर जा सकते हैं।

कब से अस्तित्व में आया क्लबहाउस?

क्लबहाउस गत वर्ष यानी कि 2020 के मार्च महीने में आईफोन यूजर्स के लिए लांच किया गया था। मगर बाद में इसकी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए इसे एंड्रॉयड यूजर्स (Android Users) के लिए भी उपलब्ध करवा दिया गया। शुरुआत में यहाँ चैट करने की सुविधा नहीं थी। मगर नये अपडेट के बाद यह सुविधा भी मुहैया हो चुकी है।

एक और बात जो ध्यान देने वाली है वो यह है कि पहले क्लबहाउस एक इनवाइट एप था इसलिए इसे सिर्फ वही लोग उपयोग कर सकते थे जिन्हें इस एप का इनविटेशन मिला हो। मगर अब ऐसी बात नहीं है। नये अपडेट के साथ किसी को भी इनविटेशन की जरूरत नहीं है। अब इसे सीधे गुगल प्ले ( Google Play ) से डाउनलोड किया जा सकता है और फिर इसे यूज किया जा सकता है।

आप अपने पसंद के मुताबिक क्लबहाउस ( ClubHouse ) के किसी भी चर्चा में दाखिल हो सकते हैं, या कोई मनचाहा चैट रूम ( Chat Room ) बना कर उसे खुद मॉडरेट कर सकते हैं और भिन्न भिन्न विषयों पर बातचीत कर सकते हैं। अगर चर्चा के बीच में कोई व्यक्ति आपसे सवाल पूछना चाहता है या तर्क-वितर्क करना चाहता है तो वह ऐप में मौजूद हैंड रेज फीचर का इस्तेमाल कर सकता है और अपनी बात रख सकता है।

युवा क्लबहाउस को टिंडर की तरह उपयोग कर रहे हैं?

क्लबहाउस ने आते ही युवाओं में सनसनी पैदा कर दी थी। टिक टॉक बैन के बाद शोक संतप्त ‘युवा’ मार्केट में कुछ अनोखा चाह ही रहे थे। हालांकि इंस्टाग्राम रील्स ( Instgram reels ) ने टिक टॉक ( TikTok ) बैन के जख्म पर मरहम जरूर लगाया था मगर घाव पूरे नहीं भरे थे। क्लबहाउस ने आकर उस घाव को भर दिया। क्लबहाउस के माध्यम से युवाओं को एक मौका मिल गया दूसरों को इंप्रेस करने का ताकि ‘दूसरे’ सगे हो सकें।

कितना देसी है क्लबहाउस?

अमेरिका के पॉल डेविसन और भारत के रोहन सेठ ने एकजुट होकर क्लबहाउस ऐप को रंग रूप दिया है। यानी कि क्लबहाउस देसी भी है और विदेशी भी। आज की तारीख में तकरीबन एक करोड़ लोग इसे इस्तेमाल कर रहे हैं और इसकी नेट वर्थ वैल्यू करीब 8000 करोड़ तक पहुंच चुकी है। यह दर्शाता है कि लोग कब से एक ऐसे ऐप की चाह में बैठे थे जहाँ ‘बातें ज्यादा हों और काम कम’।

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