National Press Day 2021 : क्यों मनाया जाता है राष्ट्रीय प्रेस दिवस? वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में भारत किस पायदान पर है?

प्रत्येक वर्ष 16 नवंबर को राष्ट्रीय प्रेस दिवस (National Press Day) मनाया जाता है। यह दिवस भारत में एक स्वतंत्र और जिम्मेदार प्रेस की मौजूदगी का प्रतीक है। प्रेस को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा गया है, क्योंकि लोगों को अभिव्यक्ति की आजादी (Freedom Of Speech) है।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। लोकतांत्रिक मूल्यों को जिंदा रखने के लिए प्रेस को सशक्त करना जरूरी है। अभी हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने UN की जेनरल असेंबली में कहा था कि ‘India is the mother of all democracies’! भारत में हमेशा से ही प्रेस को अहमियत दी गई है। प्रेस जनता की आवाज़ है। इसलिए आजादी के इतने सालों बाद भी भारत का लोकतंत्र फलफूल रहा है।

राष्ट्रीय प्रेस दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य प्रेस की आजादी के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना है। इसके अलावा ये दिन अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बनाए रखने और उसका सम्मान करने की प्रतिबद्धता की बात करता है। दुनिया में जहाँ भी प्रेस कमज़ोर पड़ा है वहाँ तानाशाही आई है। जहाँ तानाशाही है वहाँ लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचला जाता है, वहाँ मानवाधिकार नाम की कोई चीज़ नहीं होती है। इसलिए प्रेस को मजबूर और मुखर होना जरूरी है।

सीएम योगी ने दी शुभकामनाएं

सीएम योगी (Cm Yogi) ने राष्ट्रीय प्रेस दिवस की शुभकामनायें दी। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा – “लोकतंत्र का चतुर्थ स्तम्भ कहे जाने वाले ‘प्रेस’ की निष्पक्षता, स्वतंत्रता और उच्च नैतिक मापदंडों के प्रति आग्रह को प्रकट करते ‘राष्ट्रीय प्रेस दिवस’ की सभी पत्रकार जन को हार्दिक शुभकामनाएं। आप लोकतंत्र के ‘सजग प्रहरी’ हैं। राष्ट्र की उन्नति हेतु आप सभी के प्रयासों को कोटिशः नमन।”

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वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में भारत किस पायदान पर है?

वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स में भारत की हालत बहुत दुरूस्त नहीं है। अंतरराष्ट्रीय पत्रकारिता के गैर लाभकारी संगठन रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स (आरएसएफ) की ओर से जारी विश्व प्रेस फ्रीडम इंडेक्स 2021 में भारत 142 वें नंबर पर है। यानी भारत पत्रकारिता के लिहाज से दुनिया के सुरक्षित देशों में शुमार नहीं है।

गौरतलब है कि जब 2004 में यूपीए सरकार ने सत्ता संभाली तो भारत की रैंकिंग 120 थी, जो 2005 में 106 तक आ गई। वहीं, 2014 में यूपीए की सत्ता जाने तक रैंकिंग गिरकर 140 तक पहुंच गई थी। हालांकि, यूपीए शासनकाल के दौरान 2006 व 2009 में 105 तक भी आ गई थी।

शीर्ष पर 5 अव्वल देश कौन हैं?

  1. नॉर्वे
  2. फिनलैंड
  3. स्वीडन
  4. डेनमार्क
  5. कोस्टा रिका

सबसे निचले पायदान पर कौन से 5 देश हैं?

  1. इरीट्रिया
  2. नॉर्थ कोरिया
  3. तुर्कमेनिस्‍तान
  4. चीन
  5. जिबूती

भारत के पडोसी किस नबंर पर हैं?

  • भूटान – 65 वें नंबर पर
  • नेपाल – 106 वें नंबर पर
  • भारत – 142 वें नंबर पर
  • पाकिस्तान – 145वें नंबर पर

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