NFT Explained : नॉन-फंजिबल टोकन क्या है? समझिये सरल भाषा में!

Non-Fungible Token : पिछले कुछ समय से NFT यानी ‘नॉन-फंजिबल टोकन’ की चर्चा हर ओर है। NFT एक तरह की डिजिटल असेट यानी संपत्ति है जिसे ब्लॉकचेन तकनीक के जरिये संभाला जाता है। इस तकनीक से तस्वीरें, जीआईएफ, वीडियो क्‍लि‍प्‍स, कोई पेंटिंग और अन्य कीमती डिजिटल संपत्तियों का मालिकाना हक तय होता है।

यह सारी चीजें आजकल डि‍जिटल असेट में आती हैं और इसकी खरीद – बिक्री सिर्फ और सिर्फ डिजिटल रूप में ही होती है। NFT इस बात का प्रमाण है कि दुनिया कितनी तेजी से डिजिटाइजेशन की ओर अग्रसर है।

NFT को और बेहतर समझने के लिए उदाहरण देखिये –

यदि कोई आर्ट-वर्क या फिर कोई ऐसी चीज, जिसकी दूसरी कॉपी दुनिया में है ही नहीं, उसे NFT कर के लोग पैसे कमा सकते हैं। NFT से जुड़ी एक और अहम बात यह भी है कि अगर आप ऑनलाइन एनएफटी में कोई पेंटिंग, जीआईएफ, वीडियो क्लिप्स आदि खरीदते हैं तो यह सभी चीजें आपको फिजिकल रूप में नहीं मिलेगी। इसके बजाए आपको एक तरह यूनिक टोकन दिया जाएगा जिसे एनएफटी कहा जाता है।

टोकन मिलने के बाद आप इन डि‍जिटल सामग्र‍ियों या असेट के मालिक हो जाएंगे। मालिक बनने के बाद आप इन्‍हें अपने नफा – नुकसान को ध्यान में रखते हुए इसे खरीद या बेच सकते हैं। और हाँ, एनएफटी आमतौर पर क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ही की जाती है। मतलब अगर आप कुछ NFT करना चाहते हैं, तो उसके लिए जो ट्रांजैक्शन होगा, वो क्रिप्टोकरेंसी के जरिए ही होगा।

NFT में किस तकनीक का इस्तेमाल होता है?

जैसा कि एनएफटी करने के लिए मात्र डि‍जिटल ही एक जरिया है, इसलिए इसमें एक खास तरह की तकनीक का प्रयोग किया जाता है। इस तकनीक को ब्‍लॉकचेन तकनीक (Blockchain Technology) कहा जाता है।

इसमें भी आजकल एथरियम ब्‍लॉकचेन उपयोग किया जा रहा है, जिसमें एक बार एंट्री होने के बाद उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ संभव नहीं है।

ब्‍लॉकचेन और बिटक्वॉइन में क्या अंतर है?

ब्‍लॉकचेन तकनीक एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जहां ना सिर्फ डिजिटल करेंसी बल्की किसी भी चीज को डिजिटल बनाकर उसका एक पूरा रिकॉर्ड रखा जा सकता है। वहीं दूसरी ओर बिटक्वॉइन एक डिजिटल माध्यम है, जिसे इस्तेमाल कर कोई भी अन्य कुछ चीजें बेच और खरीद सकता है।

क्या भारत में NFT का भविष्य है?

फिलहाल भारत में NFT का भविष्य उज्जवल नहीं है। इसका सबसे प्रमुख कारण है भारतीयों की बीच डिजिटल करेंसी को लेकर हिचकिचाहट। जो लोग शुरुआत से ही अपने पैसे को डिजिटली इंवेस्टर कर रहे हैं वो जाहिर तौर पर NFT के समर्थन में हैं। मगर ऐसे लोगों की तादाद काम है। ज्यादातर भारतीय अपने खून पसीने से कमाये पैसों को डिजिटली इंवेस्टर करने से बचते हैं। क्योंकि यह उनके लिये बि‍ल्‍कुल नया कांसेप्ट है। क्रिप्टोकरेंसी को लेकर भी भारत में लोगों के बीच कई आशंकाएं थी, ठीक उसी तरह एनएफटी को लेकर भी अभी कई तरह की धारणाएं हैं जो शायद वक़्त के साथ खत्म हो जाये।

Leave a Comment