India – Russia Relations: पुतिन के कुछ घंटे के दौरे से भारत क्या चाहेगा

दुनिया जानती है कि भारत और रूस के रिश्ते कितने मजबूत और अहम है दोनों देश जब किसी मुसीबत में पड़ते है तो एक दूसरे की मदद के लिए सबसे पहले आगे आते है फिर वह यह नहीं सोचते कि दुनिया के अन्य देश क्या सोचेंगे । हम यह बातें इसलिए कर रहे है कि कल रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन भारत दौरे पर आ रहे है वो भी सिर्फ कुछ घंटों के लिए आ रहे है ऐसे में भारत के लिए पुतिन का यह दौरा कितना महत्वपूर्ण है इसे समझने की कोशिश करेंगे । भारत और रूस , भारत प्रशांत क्षेत्र में अलग अलग नजर आते है पुतिन सोमवार शाम को नई दिल्ली पहुंच जाएंगे और वार्षिक सम्मेलन में भाग लेने के बाद स्वदेश लौट जाएंगे । इस बैठक में दोनों देशों के शीर्ष नेता होंगे । मतलब ब्लादिमीर पुतिन और नरेंद्र मोदी । साथ दिवपक्षीय बैठक में एस 400 मिसाइल डीफेंस सिस्टम की डिलीवरी और कई रक्षा सौदों भी चर्चा होगी ।

हिन्द – प्रशांत की रणनीति पर रूस करता है आलोचना

दो दोस्त कितने भी पक्के हो उनके बीच रिश्ता कितना भी अच्छा हो मगर कुछ ऐसी बातें होती है जो एक दूसरे के प्रति अच्छी नहीं लगती । हां ये बात अलग है कि उस बात को जाहिर होने नहीं देते फिर पता तो चल ही जाता है कि आखिर सामने वाला हमसे क्यों खफा है । रूस और भारत के साथ भी कुछ ऐसा है सीधे तौर पर भले ही न कहे लेकिन अपने प्रतिनिधि के माध्यम से बता देते है ।

भारत का झुकाव कुछ समय से अमेरिका की ओर ज्यादा झुका है और रूस इसे बखूबी परखता और समझता भी है भारत , ऑस्ट्रेलिया , अमेरिका और जापान का क्वाड समूह रूस को कतई पसंद नहीं आया था और रूस ने इसकी आलोचना भी की थी । रहा सवाल हिन्द प्रशांत पर तो रूस के विदेश मंत्री 26 नवम्बर को रूस – भारत – चीन की बैठक में कह चुके है वह एशिया प्रशांत के पक्ष में है उधर भारत ऐसा मानता है कि एशिया प्रशांत और हिन्द प्रशांत सिर्फ मुद्दे आधारित सहयोग के लिए है

एस -400 मिसाइल सौदे पर अमेरिकी की तिरक्षी नजर

एक बात पहले से यह पता है कि अमेरिका इस सौदे से बिल्कुल भी खुश नहीं है । सोमवार को इस सौदे को लेकर हर किसी की नजर रहेगी । अगर यह सौदा होता है तो भारत पर अमेरिका के प्रतिबन्ध का खतरा मंडरा रहा है हालाकि भारत ने साफ कर दिया है कि उसकी रक्षा रणनीति स्वायतता और निर्देशित है सोमवार को रूस और भारत इस सौदे पर अंतिम मुहर लगा देंगे । एके 203 असालट रायफलों को बनाने में सौदा भी कल ही होगा । मतलब साफ है कि पुतिन के कुछ घंटे के दौरे पर बहुत कुछ होने वाला है इस और निगाहें सबकी टिकी है ।

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