Jewar International Airport: दुनिया का चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने जा रहा होगा जेवर, जानिए कब होगी पहली उड़ान

नोएडा अंतर्राष्ट्रीय हवाई एयरपोर्ट जिसे जेवर एयरपोर्ट के नाम से भी जाना जाता है, दिल्ली-एनसीआर में आने वाला दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा। इससे इंदरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI हवाई अड्डे) पर दवाब कम करने में मदद करेगा। यह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और गाजियाबाद के हिंडन हवाई अड्डे के बाद दिल्ली एनसीआर में तीसरा हवाई अड्डा होगा। यह रणनीतिक रूप से दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, आगरा, फरीदाबाद और पड़ोसी क्षेत्रों सहित कई शहरों के लोगों की सेवा प्रदान करेगा।

जेवर एयरपोर्ट का प्रस्ताव कब पारित हुआ

Noida International Airport

जेवर एयरपोर्ट को प्रस्ताव पहली बार 2001 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने पारित किया था। उसके बाद मायावती ने भी योजना का समर्थन किया और प्रस्तावित हवाई अड्डे के लिए 2,000 एकड़ से अधिक का अधिग्रहण किया। केंद्र में यूपीए सरकार ने इस मुद्दे पर निर्णय लेने के लिए मंत्रियों के एक समूह का गठन किया, क्योंकि दिल्ली में मौजूदा 150 किमी के भीतर कोई अन्य हवाई अड्डा बनाने की नीति का उल्लंघन नहीं करना था।

जेवर एयरपोर्ट का निर्माण कौन कर रहा है

Noida International Airport 1300 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर फैला हुआ है, हवाई अड्डे के पहले चरण में एक वर्ष में लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों की सेवा करने की क्षमता होगी और इस पर काम 2024 तक पूरा होने वाला है।इसके निर्माण की जिम्मेदारी यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) को वर्किंग एजेंसी को दिया गया है और विकसित करने की जिम्‍मेदारी ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी दी गई है। प्रभावित परिवारों के भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास के बारे में पहले चरण के लिए जमीनी कार्य पूरा हो गया है।

कितनी जमीन पर बन रहा जेवर एयरपोर्ट ?

जेवर एयरपोर्ट का निर्माण कुल 5,845 हेक्टेयर भूमि पर किया जा रहा है। फिलहाल पहले चरण में 1334 हेक्टेयर जमीन पर एयरपोर्ट का निर्माण होगा। आपको बता दें निर्माण का कार्य चार चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण को पूरा होने के बाद यहां से एक साथ कम से कम 178 विमान उड़ान भर सकेंगे।

जेवर एयरपोर्ट बनाने में कितना लागत लगेगा ?

जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट है जो बेहद ही भव्‍य एयरपोर्ट बन रहा है। इसमें लगने वाली रकम कई हजारों करोड़ो रूपये है। इसके निर्माण के लिए उत्‍तर प्रदेश सरकार ने फरवरी 2021 में 2,000 करोड़ रुपए के बजट का ऐलान किया था। हवाई अड्डे के पहले चरण का विकास 10,050 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के साथ किया जा रहा है। इसे पूरा होने में लगभग 29 हजार 650 करोड़ रुपये की लागत आ सकती है।

जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यास कब होगा ?

प्रधानमंत्री नेरेंद्र मोदी(Prime Minister Narendra Modi) ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) का शिलान्यास (Foundation) 25 नवंबर 2021 में कर दिया है। पीएम ने लाखों की संख्या में मौजूद लोगों को संबोधित किया।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देगा नौकरी के कई अवसर

जेवर एयरपोर्ट 1 लाख से अधिक लोगों को नौकरी और रोजगार(Job Opportunity) के अवसर देगा। सीएमडी गौर्स ग्रुप(CMD Gaurs Group) और उपाध्यक्ष नॉर्थ CREDAI, मनोज गौर ने कहा कि एयरपोर्ट कई क्षेत्रों के लिए कई रोजगार के अवसर देगा जो की आने वाले समय में के लिए कई अच्छी खबर है। इस क्षेत्र में पहले से ही बहुत अधिक निवेश देखा गया है, जिसके परिणामस्वरूप आर्थिक विकास भी होगा। बढ़ती व्यावसायिक गतिविधि रोजगार के अवसरों को भी सुनिश्चित करेगी।

जेवर एयरपोर्ट से जुड़े कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार है

  1. एयरपोर्ट का कुल छेत्रफल 5000 हेक्टयेर का होगा .1334 हेक्टयेर जमींन पहले ही आवंटित हो चुकी है.
  2. एयरपोर्ट का निर्माण पूरा होने पर इसमें 6-8 runways होगे
  3. मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के अनुसार ये एशिया का सबसे विसाल एयरपोर्ट बनाया जायेगा

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