UP Election 2022 : अखिलेश ने कहा जिन्ना ने आजादी दिलाई, योगी ने किया पलटवार

उत्तर प्रदेश (Uttar Prdesh) में चुनावी बिगुल बज चूका है। जनता का विश्वास जीतने के लिए सभी राजनेता जमीन आसमान एक करने की कोशिश में जुटे हैं। हाल ही में एक रैली के दौरान उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री (Former Chief Minister) अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने विवादित बयान दिया है। उन्होंने रविवार को रैली में कहा था कि सरदार वल्लभभाई पटेल, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और मोहम्मद अली जिन्ना ने एक ही संस्थान से पढ़ाई की और बैरिस्टर बने और उन्होंने देश आजादी दिलाई।

सीएम योगी ने कहा अखिलेश को अपने इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए

अखिलेश यादव के इस तुगलकी बयान पर भाजपा ने जम पर कटाक्ष किया है। सीएम योगी ने कहा, ‘समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कल जिन्ना और सरदार पटेल की तुलना की। ये शर्मनाक है। ये तालिबानी मानसिकता है जो बांटने में विश्वास रखती है। सरदार पटेल ने देश को एक सूत्र में पिरोया था।’ उन्होंने कहा कि अखिलेश को अपने इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए।

मोहसिन रजा ने कहा अखिलेश सिर्फ मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं

यूपी सरकार के मंत्री मोहसिन रजा ने अखिलेश यादव के इस बयान को उनकी ‘राजनीतिक अपरिपक्वता’ बताते हुए कहा कि अखिलेश यादव को अपने बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। मोहसिन रजा ने कहा, जिन्ना पर देश का बंटवारा करने का दारोमदार है, उसका महिमामंडन कैसे कर सकते हैं? देश का बंटवारा करने वालों को ऐसे बताना देश का अपमान है। ओवैसी हों या अखिलेश दोनों मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति कर रहे हैं।

राकेश सिन्हा ने कहा भारत के मुसलमानों का जिन्ना से कोई संबंध नहीं है

बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने भी अखिलेश को खूब खरी खोटी सुनाई है। उन्होंने कहा, ‘ऐसा लगता है कि अखिलेश यादव यूपी चुनाव के बाद पाकिस्तान में शरण लेने वाले हैं। अखिलेश यादव इतिहास के अपराधी के तौर पर बात कर रहे हैं। उन्होंने भारत के इतिहास की पुस्तक पढ़ी है या फिर पाकिस्तान के इतिहास को पढ़कर इस तरीके का बयान दे रहे हैं। भारत के मुसलमानों का जिन्ना से कोई संबंध नहीं है और इस तरह का बयान भारत के मुसलमानों का अपमान है।’

मोहम्मद अली जिन्ना कौन थे?

मोहम्मद अली जिन्ना बीसवीं सदी के एक प्रमुख राजनीतिज्ञ थे। जिन्हें पाकिस्तान के संस्थापक के रूप में जाना जाता है। वे मुस्लिम लीग के नेता थे जो आगे चलकर पाकिस्तान के पहले गवर्नर जनरल बने। पाकिस्तान में, उन्हें आधिकारिक रूप से क़ायदे-आज़म यानी महान नेता और बाबा-ए-क़ौम यानी राष्ट्र पिता के नाम से नवाजा जाता है। उनके जन्म दिन पर पाकिस्तान में अवकाश रहता है। बंटवारे के बाद पाकिस्तान ने अपने पहले दो स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को ही मनाया था, लेकिन जिन्ना की मौत के बाद इसे 14 अगस्त को मनाया जाने लगा। 11 सितंबर 1948 को मोहम्मद अली जिन्ना इस दुनिया से रुख़सत हो गए।

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