DSLR FULL FORM : क्या है डीएसएलआर पूरा नाम , कैसे करता है काम यहां जानिए

 

डीएसएलआर :  आप सोच रहे होंगे कि यह डीएसएलआर आखिर क्या है तो इसके लिए आपको घबराने की जरूरत नहीं है । हम आपको आसान भाषा में बताएंगे । आपको फोटो खिंचवाने का शौक है क्यों नहीं होगा सबको होता है अपनी फोटो खींचकर उसे देखना किसे नहीं पसंद । कई लोग तो इतने शौकीन होते है कि फोटो खिंचवाने के लिए अच्छे से अच्छा कैमरा और मोबाइल की तलाश में रहते है कई बार तो कुछ लोगो को यह पता भी नहीं होता कि डीएसएलआर होता क्या है इसका पूरा नाम तक नहीं जानते और दुकान में जाकर बोलते है मुझे डीएसएलआर कैमरा चाहिए। और खरीदकर घर ले आते है उससे फोटो भी लेते है अच्छी फोटो आती है लेकिन इसका पूरा नाम क्या है यह नहीं बता पाते हम आपको इस आर्टिकल मे सिर्फ डीएसएलआर का फुल फॉर्म ही भी बताएंगे बल्कि कई और बातें इससे जुड़ी हुई बताएंगे । यह कैसे काम करता है क्या फायदे है इसके सबकुछ तो आइए जानते हैं ।

DSLR का पूरा नाम क्या है

आपको आगे कई बातें बताए उससे पहले यह समझ लेते है कि डीएसएलआर का पूरा नाम क्या है इसका पूरा नाम Digital single Lence Reflex हैं यह एक ऐसा डिजिटल कैमरा होता है जिसमे एक ही लेंस होता है । और यह मिरर की सहायता से इमेज को रिफ्लेक्स करके फोटो खींचता है वैसे आपको बता दें कि डीएसएलआर एक प्रकार का SLR का उपग्रेटेड वर्जन है एक बात जो आपको पता होनी चाहिए कि एसएलआर पुराने समय का बहुत ही पुराना समय का पापुलर फोटोग्राफी कैमरा हुआ करता था । लेकिन समय के साथ बदलाव और लोगों की मांग को देखते हुए एसएलआर कैमरे को अपग्रेड करके नया कैमरा बनाया गया जिसे डीएसएलआर कहते है वैसे नए डीएसएलआर को पुराने एसएलआर से कहीं ज्यादा अच्छा माना गया है इसका उपयोग वो लोग ज्यादा करते है जो फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर ज्यादा काम करते है DSLR कैमरे में आपको कई अच्छे फीचर मिलते है ।कैमरा लेंस, रिफ्लेक्स मिरर,इमेज सेंसर, फोकल प्लान शटर, मैट फिक्सिंग स्क्रीन,जैसे बेहतरीन फीचर आपको डीएसएलआर में मिल जाएंगे ।जिससे तस्वीर और वीडियो  बहुत अच्छे बनते है ।

क्या है DSLR का इतिहास

दुनिया में कोई भी ऐसी छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी चीज नहीं है जिसका इतिहास न हो। सभी का होता है तो आइए जानते है कि आखिर डीएसएलआर का इतिहास क्या है । DSLR यानी digital single Lence Reflex कैमरे को सन 1969 में Willard S  . Boyle और George E . Smith ने एक डिजिटल सेंसर के उपयोग से पहली इमेजिंग टेक्नोलॉजी का आविष्कार किया था आपको बता दें कि साल 1975 में kodak के एक इंजीनियर स्टीवन सेसन थे उन्होंने डिजिटल कैमरा का आविष्कार किया था। साल 1986 में kodak microelectronics Technology ने 1.3 mp CCD का इमेज सेंसर विकसित किया था और यह 1 मिलियन से अधिक pixel का था।

कैसे काम करता है DSLR

आपका यह जानना भी जरूरी है कि डीएसएलआर कैसे काम करता है।  जब आप कैमरे के पीछे एक द्रष्यदर्शी एपिस के माध्यम से देखते है उसमे आपको जो कुछ भी दिखाई देता है वह कैमरे से जुड़े लेंस से होकर गुजरता है इससे साबित होता है कि आप ठीक वहीं देख रहे है जो आप कैपचर करने जा रहे है जिस भी इमेज को आप कैपचर कर रहे है उससे प्रकाश लेंस के माध्यम से एक प्रतिवर्त दर्पण होकर गुजरता है जो कैमरे कक्ष के अंदर 45 डिग्री के कोण पर बैठता है जो तब प्रकाश को लंबवत रूप से एक ऑप्टिकल तत्व की ओर बढ़ता है जिसे पेटा प्रिजम कहते है जब आप कोई तस्वीर लेते है तो प्रतिवर्त दर्पण उपर की ओर झूलता है। उर्धवाधर मार्ग में अवरोध उपन्न करता है जिससे प्रकाश सीधे अंदर चला जाता है । फिर शटर खुल जाता है और प्रकाश छवि तक पहुंच जाता है इमेज सेंसर के लिए शटर जरूरत के मुताबिक खुलता है  इसके बाद कैमरे पर बहुत जटिल इमेज प्रोसेसिंग होती है कैमरा प्रोसेसर से  इमेज सेंसर की जानकारी लेता है उसे उपुक्त फॉर्मेट में बदलता है फिर मेमोरी कार्ड मे लिखता है  यह प्रक्रिया एक झटके में होती है

 

 

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