पढ़िए नमामि गंगे अभियान के बारे में

Namami Gange : गंगा भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर है इसलिए इसे सहेज़ कर रखना अनिवार्य है। गंगा की साफ सफाई से जुड़ी मोदी सरकार की नमामि गंगे योजना अक्सर चर्चा में रहती है। इस योजना की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य था गंगा नदी के प्रदूषण को कम करना और गंगा नदी को पुनर्जीवित करना। ऐसा इसलिए क्योंकि भारतीय संस्कृति में गंगा मात्र नदी नहीं है, इसे ‘माँ’ का दर्जा दिया गया है। भारत की 40% आबादी गंगा पर ही निर्भर है।

इस योजना का क्रियान्वयन केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प मंत्रालय द्वारा किया गया है। इस परियोजना को पांच वर्ष में पूरा करने के लिये कुल 20,000 करोड़ रूपये आवंटित किये गये थे। (गंगा को स्वच्छ करने के लिये पिछले 30 सालों में सरकार की ओर से खर्च की गई राशि से यह रकम चार गुना अधिक है)

नमामि गंगे प्रोजेक्ट की 231 योजनाओं में गंगोत्री से शुरू होकर हरिद्वार, कानपुर, इलाहाबद , बनारस, गाजीपुर , बलिया , बिहार में 4 और बंगाल में 6 जगहों पर पुराने घाटों का जीर्णोद्धार, नए घाट, चेंजिंग रूम, शौचालय, बैठने की जगह, सीवेज ट्रीटमेंट प्लान्ट, आक्सीडेशन प्लान्ट बायोरेमेडेशन प्रक्रिया से पानी के शोधन का काम इस योजना के अंतर्गत किया जाएगा। इसमें गांव के नालों को भी शामिल किया जाएगा। साथ ही तालाबों का गंगा से जुड़ाव पर असर भी देखा जाएगा।

अब तक 30 हजार करोड़ आवंटित

राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के आंकड़ों की मानें तो, अगस्त 2021 तक नमामि गंगे परियोजना के लिये 30,255 करोड़ रूपये आवंटित किये गए हैं और 11,842 करोड़ रूपये खर्च हुए हैं। अगस्त माह तक 167 परियोजनाओं पर काम पूरा हो गया है, 145 परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है तथा 28 परियोजनाओं पर निविदा की प्रक्रिया चल रही है।

नमामि गंगे 2.0

नमामि गंगे योजना की सफलता तो कायम केंद्र सरकार ने अब ‘‘नमामि गंगे 2.0’’ परियोजना की शुरुआत की है। सूत्रों की मानें तो, ‘‘राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत ‘नमामि गंगे 2.0’ परियोजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है और जल्द ही इसकी शुरुआत के लिए प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। नमामि गंगे 2.0 परियोजना संबंधी प्रस्ताव पर आधिकार सम्पन्न वित्त समिति (ईएफसी) की बैठक में विचार किया गया है। नमामि गंगे परियोजना को आगे पांच साल के लिये बढ़ाया जायेगा। इसमें पूरी हुई परियोजनाओं के रख-रखाव पर खास ध्यान दिया जायेगा।

दूसरे चरण में किन जगहों पर ध्यान दिया जायेगा?

नमामि गंगे 2.0 में उत्तर प्रदेश के आगरा, मेरठ, सरहारनपुर जैसे शहरों तथा बिहार में बक्सर, मुंगेर, बेगुसराय सहित अन्य क्षेत्रों में परियोजनाओं पर काम पूरा किया जायेगा।

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