Indian Government Schemes 2022 : यह हैं भारत सरकार की पाँच सबसे सफल योजनाएँ

Indian Government Schemes : लोकतंत्र में हर सरकार का यह दायित्व होता है कि वह ऐसी योजनाएँ बनाये जिसका लाभ समाज के हर तबके को पहुँचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में केंद्र सरकार ने लोककल्याण के लिए ढेर सारी योजनाओं की शुरुआत की। कुछ योजनाएं सफल हुईं और कुछ असफल। इस आर्टिकल में हम आपको उन टॉप 5 सरकारी योजनाओं से अवगत करायेंगे जिनका फायदा समाज के हर एक तबके तक पहुँचा और नतीजतन यह सफल साबित हुईं।

उज्जवला योजना : यह योजना भारत सरकार की सबसे चर्चित योजनाओं में से एक है। 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने उज्जवला योजना की बहुत चर्चा की थी। उन्होंने कहा था कि इस योजना के तहत बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को फ्री में गैस कनेक्शन बांटे गए हैं जिससे सबसे बड़ा फायदा उन गरीब माताओं-बहनों को हुआ है जो धुएं में खाना बनाने को मजबूर थीं। प्रधानमंत्री मोदी ने 1 मई 2016 को उत्तर प्रदेश के बलिया में इस योजना को लॉन्च किया था।

आयुष्मान भारत : इस एक स्वास्थ्य बीमा है जिसकी शुरुआत 23 सितंबर 2018 को हुई थी। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत हासिल करने में इस योजना ने अहम भूमिका निभाई थी। अगर आसान भाषा में कहें तो आयुष्मान भारत योजना ने भाजपा सरकार के लिए गेमचेंजर साबित हुई। इस स्कीम के अंतर्गत लाभार्थियों को सालाना 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मिल रहा है। सरकार की इस पहल को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी ख्याति मिली।

प्रधानमंत्री आवास योजना : इस योजना का उद्देश्य शहरों में रहने वाले निर्धन लोगों को उनकी क्रयशक्ति के अनुकूल घर प्रदान करना है। इस योजना का शुभारम्भ 25 जून 2015 को हुआ था। इस योजना को लागू करने के पीछे सरकार का मंतव्य था 2022 तक सभी को घर उपलब्ध करवाना। इस के लिए केंद्र सरकार 20 लाख घरों का निर्माण करवाएगी जिनमें से 18 लाख घर झुग्गी – झोपड़ी वाले इलाकों में और बाकी 2 लाख शहरों के गरीब इलाकों में किया जायेगा।

सुकन्या समृद्धि योजना : यह मोदी सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में एक है। वर्ष 2015 में प्रारंभ हुई इस योजना के अंतर्गत बेटी की 10 वर्ष की आयु से पहले उसकी पढ़ाई तथा शादी के लिए खाता खुलवाया जाता है। गौरतलब है कि सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाते में प्रतिवर्ष न्यूनतम ₹250 रुपए की राशि तथा अधिकतम 1.5 लाख रुपए की राशि जमा की जा सकती है। इस योजना को लोगों ने हाथों हाथ लिया और नतीजतन यह सरकार की साकारात्मक पहल साबित हुई।

स्वच्छ भारत मिशन : साफ सफाई को बढ़ावा देने के लिए इस योजना की शुरुआत राष्ट्रीय स्तर पर हुई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य था अपने आसपास जितनी मुमकिन हो उतनी साफ सफाई कायम रखना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्मदिवस यानी 2 अक्टूबर को इसकी शुरुआत की थी। इस योजना की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा था कि महात्मा गांधी के जन्म की 150वीं वर्षगाँठ तक भारत को संपूर्ण रूप से स्वच्छ देश बनाना है। इस योजना ने भारतियों के दिल में स्वच्छता को लेकर एक जागरूकता लाने का काम किया है।

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