MNREGA 2022 : क्या है महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम? जानिये

Mahatma Gandhi National Rural Employment Guarantee Act – महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम अर्थात् मनरेगा को भारत सरकार द्वारा वर्ष 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम, 2005 (NREGA-नरेगा) के रूप में प्रस्तुत किया गया था। वर्ष 2010 में नरेगा (NREGA) का नाम बदलकर मनरेगा (MGNREGA) कर दिया गया।

ग्रामीण भारत को ‘श्रम की गरिमा’ से परिचित कराने वाला मनरेगा रोज़गार की कानूनी स्तर पर गारंटी देने वाला विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक कल्याणकारी कार्यक्रम है।मनरेगा कार्यक्रम के तहत प्रत्येक परिवार के अकुशल श्रम करने के इच्छुक वयस्क सदस्यों के लिये 100 दिन का गारंटीयुक्त रोज़गार, दैनिक बेरोज़गारी भत्ता और परिवहन भत्ता (5 किमी. से अधिक दूरी की दशा में) का प्रावधान किया गया है।

इस योजना का उद्देश्य क्या है?

• रोजगार को बढ़ावा देना

• गरीबों की आर्थिक स्थिति में सुधार करना

• बेरोजगारी दर कम करना

• जरूरतमंदों को आत्मनिर्भर बनाना

अगर आँकड़ों की मानें तो –

आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2013-14 में मनरेगा के तहत कार्यरत व्यक्तियों की संख्या 7.95 करोड़ थी जो कि वर्ष 2014-15 में घटकर 6.71 करोड़ रह गई किंतु उसके बाद यह बढ़कर क्रमशः वर्ष 2015-16 में 7.21 करोड़, वर्ष 2016-17 में 7.65 करोड़ तथा वर्ष 2018-19 में 7.76 करोड़ हो गई।

मनरेगा जॉब कार्ड के लिए पात्रता –

  1. उम्मीदवार भारत का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  2. आवेदक की उम्र 18 वर्ष या इससे ऊपर होनी चाहिए।
  3. आपके पास राशन कार्ड होना चाहिए।
  4. आवेदनकर्ता काम करने के लिए कुशल और इच्छुक श्रमिक होना चाहिए।
  5. मोबाइल नंबर
  6. पासपोर्ट साइज फोटो
  7. आय प्रमाण पत्र
  8. बैंक खाता नंबर
  9. निवास प्रमाण पत्र
  10. आयु प्रमाण पत्र
  11. आधार कार्ड

अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं – https://nrega.nic.in/netnrega/home.aspx

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