Gold Monetisation Scheme : गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम बदलेगी घर में पड़े सोने से आपकी किस्मत

आपको इस स्कीम के बारे में बताएं उससे पहले इतिहास के पन्ने खंगालते है आजादी से पहले ही ले लीजिए । भारत अंग्रेज़ो की गुलामी जंजीर में जकड़ा था तब गांवों से लेकर शहरों की स्थित यह थी कि बड़े बड़े लोगों के पास जब गरीब तबके के मजबूर लोग अनाज या फिर अन्य चीजें उधार मांगने जाते थे पैसे तो थे नहीं तब सोना हुआ करता था लोगों के पास बहुत ज्यादा भी नहीं कम मात्रा में उस सोने को गिरवी रखकर साहूकार से अनाज और अन्य वस्तुएं लेते थे और कागज में लिखकर दे देते थे कहने का मतलब सोने को गिरवी रखकर चीजे ली जाती थी लेकिन आज समय बदल चुका है ।

खैर अब मुद्दे पर आते है अगर आपके घर में रखा सोना अगर ब्याज दे तो कैसा लगेगा । जाहिर सी बात है फायदे की बात है आज हम जिस स्कीम के बारे में बताएंगे उसकी खास बात यही है । इस योजना के तहत घर में पड़े सोने को बैंक मे जमा कराने पर ब्याज के साथ लॉकर के सालाना खर्च से भी बचा जा सकता है । इसलिए सरकार और आरबीआई के जरिए गोल्ड मोनेटैइजेशन स्कीम की शुरुआत की है । आइए इसको अच्छी तरह समझते है ।

क्या है गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम

इस स्कीम के तहत आपके घर में पड़े सोने को बैंक में जमा कर सकते है । इस पर बैंक आपको ब्याज देगा । इस स्कीम की खास बात यह है कि पहले बहुत लोग अपने सोने को लाकर में रखते थे लेकिन अब आपको लाकर में रखने की जरूरत नहीं है आपके सोने के हिसाब से आपको ब्याज मिलेगा ।

इस स्कीम के तहत इसमें कम से कम 30 ग्राम 955 शुद्धता वाला सोना बैंक में रखना होगा । इसमें बैंक गोल्ड बार सिक्के गहने आदि चीजें ही दायरे में आएंगी । इस स्कीम के जरिए बहुत लोगों के साथ साथ कई संस्थानों ने बैंक में सोना जमा किया है तिरुपति मंदिर सहित कई बड़े मंदिरो ने सोना जमा किया है ।

कब हुई थी शुरुआत

गोल्ड मोनेटैइजेशन स्कीम की शुरुआत सरकार ने साल 2015 में की थी । इसका मकसद घरों और संस्थानों में ट्रस्ट में रखे सोने को बाहर लाना और उपयोग करना बेहतर समझा गया । माध्यम अवधि में 5 से 7 साल और लंबी अवधि के लिए 12 साल तक रखा जा सकता है ।

कितना मिलता है ब्याज

जब आप लॉकर में सोना रखते थे तो आपको शुल्क देना पड़ता था उसकी सुरक्षा के लिए । लेकिन यहां ऐसा नहीं है । इस पर आपको ब्याज 2.5 से 2.50 फीसदी तक व्याज मिल सकता है । सरकार का इस स्कीम को शुरू करने का मकसद सोने की जरूरत के लिए आयात पर निर्भरता कम करना था। सोने का आयात बढ़ने से देश का CAD मतलब चालू खाता बढ़ता है ।

देशभर में कितना है स्टॉक

एक अनुमान के हिसाब से सरकार ने यह आंकड़ा बताया कि देशभर के घरों में करीब 20 हजार टन सोना जमा है सरकार ने यह भी माना कि इस कीमती धातु की वजह से देश का आयात बिल बढ़ता है सोने की जरूरत पूरी करने के लिए आयात करती है । देश के घरों में पड़ा सोना हो या मंदिरो में पड़ा सोना हो यह देश की अर्थ्यवस्था में उपयोग नहीं हो पाता । इसलिए सरकार ने यह स्कीम लागू kinhsi इससे सरकार और जनता दोनों को लाभ मिलेगा ।

बैंक देंगे स्वर्ण जमा प्रमाणपत्र

ग्राहकों को बैंक में सोना जमा करने के लिए आवेदन फार्म भरना होगा । इसमें आईडी प्रूफ , आपका पता , इंवेस्ट्री फार्म भरना होगा । इस स्कीम में बैंक की अधिकृत शाखा की तरफ से आपको स्वर्ण जमा प्रमाणपत्र मिलेगा । यह प्रमाणपत्र सोने की शुद्धता के लिए जारी होगा ।

क्या है निकालने के नियम

अगर आप समय से पहले और बाद में निकालना चाहते है तो नियम समझ लीजिए

शॉर्ट टर्म विकल्प – आपको समय से पहले निकासी की अनुमति दी जा सकती है जमा के प्रभावी तारीख से एक वर्ष पूरा होने से पूर्व निकासी के मामले में कोई ब्याज नहीं लगेगा । अन्य सभी मामलों में 0.15% प्रीपेमेंट जुर्माना लगाया जा सकता है ।

मीडियम टर्म विकल्प – तीन साल बाद किसी भी समय निकालने की अनुमति है लेकिन ब्याज पर जुर्माना देना पड़ेगा

लॉन्ग टर्म विकल्प – पांच साल बाद किसी भी समय प्री माइच्योर निकालने की अनुमति है इसमें भी ब्याज पर जुर्माना लगेगा ।

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