Bharatmala Pariyojana: राष्ट्रीय राजमार्गो को नई दिशा देती भारतमाला परियोजना

हमारे बीच ऐसी कई योजना और परियोजना है जिन्हे हम शायद कम ही जानते है उनमें से ही एक ऐसी परियोजना है भारतमाला परियोजना । आखिर कैसी और क्या है यह परियोजना इसके बारे में जान लीजिए । दरअसल भारतमाला परियोजना एक राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना है इसके तहत नए राजमार्ग का निर्माण किया जाएगा साथ ही उन परियोजनाओं को भी पूरा किया जाएगा जो अब तक अधूरे है ।

इसमें सीमा और अंतरराष्ट्रीय संयोजकता वाले विकास परियोजना को भी शामिल किया गया है । मसलन बंदरगाहों , सड़क और राष्ट्रीय राजमार्गो को ज्यादा बेहतर बनाना है तथा राष्ट्रीय गलियारों को भी विकसित करना भी इसी का हिस्सा है सरकार ने तय किया है कि धार्मिक स्थल और पर्यटक को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए जाएंगे । जिससे लोगों को आवाजाही में आसानी मिले । आपको बता दें कि इसमें चारों धाम को भी तवज्जो दी गई है मतलब केदारनाथ , बद्रीनाथ , यमुनोत्री , गंगोत्री के बीच संयोजकता बेहतर की जाएगी ।

क्या है भारतमाला योजना के तहत 7 फेज

इस परियोजना को लेकर सरकार ने तय किया है कि इसको 7 फेज में करीब 34,800 किलोमीटर सड़क बनाने का फैसला किया है। इसका काम सबसे पहले राजस्थान और गुजरात में शुरू होगा । इसकी बाद पंजाब , जम्मू कश्मीर , हिमाचल प्रदेश , और उत्तराखंड कि बारी आएगी । सरकार ने इसके जरिए पूरे भारत के राज्यों की कायाकल्प सूची तैयार कर ली है ।

भारतमाला परियोजना का नक्शा

उत्तर प्रदेश, बिहार होते हुए पूर्वोत्तर के राज्यों तक परियोजना जाएगी । मतलब सिक्किम , असम , अरुणाचल प्रदेश , मिजोरम , मणिपुर , भारत म्यांमार बॉर्डर तक सड़क बनाने की योजना है भरतमाल के पहले चरण में करीब 550 जिले कवर किए जाएंगे । जहां तक अभी का रिकॉर्ड है तो अभी सिर्फ 350 जिलों से नेशनल हाईवे गुजरते है इसके साथ ही 34 में सड़कों की लेन बढ़ाने का काम भी किया जाएगा।

35 शहरों में लोजिस्टिक पार्क स्थापित किए जाएंगे । इसके आलावा 700 पर सड़क किनारे रोड साइड एमेटिज का निर्माण भी किया जाएगा। जिसमे दो वर्ष के अंदर 180 को पूरा करने का लक्ष्य है

क्या है बजट की योजना

भारतमाला परियोजना एक बड़ी परियोजना है जिसका मकसद आमजन के लिए सड़क , हाईवे को सुविधापूर्वक बनाना । नितिन गडकरी ने कहा था पैसे की कोई समस्या नहीं है। इसमें 5.35 लाख करोड़ का खर्च का अनुमान है । गडकरी के मुताबिक चार से पांच लाख करोड़ पूंजी बाज़ार से जुटाए जा सकते है बाकी पैसा वित्त मंत्रालय अपने बजट से देगा। साथ ही पेंशन फंड , इनवेस्मेंट फंड से भी पैसे आयेंगे। सवा लाख करोड़ रुपए का निवेश निजी क्षेत्र से मिलने कि उम्मीद है। पहला चरण 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है ।

खास बातें

भारतमाला परियोजना के तहत सरकार का प्लान है कि दो चरणों में लगभग 65000 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण किया जाना है। यह परियोजना परिवहन मंत्रालय के अधीन है। इसके निर्माण की जिम्मेदारियां भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण , राष्ट्रीय राजमार्ग और औधोगिक विकास निगम साथ ही राज्य के लोक निर्माण विभाग को इस परियोजना की जिम्मेदारी दी गई है।

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