WHAT IS SICKLE ÇELL : क्या होती है सिकल सेल की बीमारी , कैसे होती है ,क्या है इसका इलाज

 

क्या होती है सिकल सेल

सिकल सेल कई बीमारियों का एक समूह माना जाता है जो खून में मौजूद हीमोग्लोबिन को प्रभावित करता है  क्योंकि हीमोग्लोबिन शरीर की सभी कोशिकाओं तक आक्सीजन पहुंचाने का कार्य करता है यह एक आनुवंशिक बीमारी है जो संतान को उसके माता पिता से मिलती है इसमें हीमोग्लोबिन के असामान्य अणु जिन्हे हम हीमोग्लोबिन एस कहते है लाल रक्त वाहिकाओं का रूप बिगाड़ देती है जिससे इसका आकार अर्धचंद्राकार का हो जाता है जिससे वे छोटी छोटी कोशिकाओं से आसानी से गुजर जाती है इससे शरीर के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक आसानी आक्सीजन पहुंच जाता है । सिकल सेल लाल रक्त कोशिकाओं की अपेक्षा कम लचीली होती है क्योंकि इनका आकार हसिया की तरह होता है इसलिए यह छोटी छोटी रक्त कोशिकाओं से नहीं गुजर पाती । इससे व्यक्ति को गम्भीर रूप से दर्द होता है इन्फेक्शन , चेस्ट पेन और सिंड्रोम जैसी बीमारी होती है इसके अलावा सिकल सेल बीमारी से मनुष्य के शरीर की हड्डियां और जोड़ों में दर्द बना रहता है ।

क्या कारण है सिकल बीमारी

यह कोई संक्रामक बीमारी नहीं है यह कोई सर्दी जुकाम जैसी संक्रमित बीमारी नहीं है जो एक से दूसरे के पास चली जाए। और ना ही साथ रहने ,घूमने या फिर कुछ खाने से होती है सिकल सेल बीमारी एक जेनेटिक बीमारी है जब किसी बच्चे को  माता पिता दोनों से सिकल सेल जीन्स में मिलते है तो उस संतान को सिकल सेल बीमारी हो जाती है सिकल सेल बीमारी कुछ मामलों में व्यक्ति को एक पैरेंट्स से सिकल सेल जीन मिलता है और दूसरे माता पिता से किसी असमान्य तरह का हीमोग्लोबिन जीन भी । यहां समझने वाली बात है कि सिकल ट्रेट वाले व्यक्ति को यह बीमारी नहीं होती है लेकिन वह इस बीमारी है वाहक बन जाता है । यानी अपने बच्चे को सिकल सेल जीन ट्रांसफर कर सकते है

सिकल सेल बीमारी के लक्षण क्या है

यह बीमारी जन्म के बाद यानी जब बच्चा पैदा होता है तो उसमे यह बीमारी मौजूद होती है लेकिन जब तक बच्चा 6 महीने का नहीं होता है उसमे बीमारी का लक्षण नहीं दिखते । कई बार तो इसके लक्षण शुरुआती दिनों में नजर आते है इसके अन्य लक्षण ने जोंडिस ,पीलिया,आंखो में पीलापन , रक्त कोशिकाओं में क्षतिग्रस्त , एनीमिया के वाज से शरीर में थकान ,पैर में सूजन ,सिर मे दर्द होना चक्कर आना ,छोटी छोटी बात मे चिड़चिड़ापन होना ,यहां तक कि शरीर के किसी खास हिस्से पर दर्द होना आदि इसके प्रमुख लक्षण है।

कैसे करें सिकल बीमारी से बचाव

यह रोग भले ही आनुवंशिक है लेकिन लेकिन फिर भी इसकी रोकथाम की जा सकती है यह एक गंभीर बीमारी भी है इसलिए इसमें रोकथाम जरूरी है आने वाले समय में यह बीमारी बच्चो को पारित न हो इसलिए लड़के लड़की को शादी से पहले ब्लड टेस्ट करवा लेना चाहिए। अगर दोनों मे सिकल सेल है और इससे दोनों ग्रस्त है तो दोनों को शादी से बचना चाहिए । क्योंकि फिर यह बीमारी आने वाले बच्चे मे चली जाएगी । कई देशों में तो सरकार ने सिकल सेल की जांच अनिवार्य की है वो भी शादी से पहले । जो बच्चे इससे ग्रसित है उन्हे टीका उपचार के जरिए ठीक किया जा सकता है ।

क्या है सिकल सेल का इलाज

डाक्टरों ने इस बीमारी से मरीजों को निजात दिलाने के कई  शोध और उपचार किए है आपको बता दें कि बोनमैरो ट्रांसप्लांट सिकल सेल बीमारी का वर्तमान में उपलब्ध एक मात्र उपचार है लेकिन यह इलाज काफी जोखिम भरा होता है इसमें कई सारे साइड इफेक्ट होते है इसके अलावा मरीज को फोलिक एसिड की दवाई का सप्लीमेंट देकर इलाज किया जा सकता है बच्चो मे टीकाकरण से इसका इलाज संभव है वैज्ञानिक और शोधकर्ता इस बीमारी के इलाज से जुड़े और तथ्य तलाश रहे है ऐसे रोगियों के अपने शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को कम नहीं होने देना चाहिए। साथ भोजन में आयरन, फोलिक एसिड ,पोषक युक्त पदार्थ , हरे पत्तेदार सभी का आहार लेना चाहिए। 

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