पांचवे चरण में सोनेलाल पटेल का परिवार एक साथ मैदान में , किसके साथ जनता

 

उत्तर प्रदेश में चल रहे विधानसभा चुनाव के चार चरण पूरे होने के बाद सियासी पार्टियों कि सूबे में जीत की स्थित धीरे धीरे साफ हो रही है बीजेपी की सहयोगी पार्टी अपना दल के लिए पांचवा चरण बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि अपना दल के संस्थापक सोनेलाल पटेल का परिवार पांचवे चरण के मतदान में एक दूसरे के सामने होंगे । कुनबे मे चल रही राजनीति वर्चस्व के जंग की परीक्षा है इस चरण में तय होगा कि दो धड़ों में बटें कुनबे में जनता किसके साथ होगी । सोनेलाल पटेल की पत्नी कृष्ण पटेल अपना दल कमेरावादी पार्टी की अध्यक्ष है तो वहीं अनुप्रिया पटेल भाजपा की सहयोगी पार्टी अपना दल से है और तीसरी बेटी पल्लवी पटेल समाजवादी के टिकट पर है मतलब साफ है पूरा परिवार एक दूसरे के विरुद्ध खड़ा है सोनेलाल पटेल के निधन के बाद पार्टी में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर परिवार में छिड़ी जंग अपना दल इस बीच किसी के पास नहीं रह पाया । मूल अपना दल विवादों में है आपको बता दें कि परिवार में अब तक दो नए दल है सोनेलाल वाली अपना दल पार्टी की कमान बेटी व केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल कर रही है तो वहीं उनकी पत्नी अपना दल करोमवादी की राष्ट्रीय अध्यक्ष है मतलब साफ है कि अनुप्रिया पटेल बीजेपी के साथ गठबन्धन में है तो कृष्णा पटेल सपा के साथ है ।

कृष्णा पटेल को सपा के साथ जीत की उम्मीद

स्वर्गीय सोनेलाल लाल पटेल की पत्नी कृष्णा पटेल इसी चरण की प्रतापगढ़ की सदर सीट से सपा के साथ अपने गठबन्धन के तहत अपनी पार्टी मतलब अपना दल करोमवदी की प्रत्याशी है इस सीट से मौजूदा विधायक अनुप्रिया पटेल की पार्टी अपना दल से है आपको बता दें कि मां के चुनाव मैदान में आने पर अनुप्रिया पटेल ने पूरे समझौते के साथ मिली इस सीट को भाजपा को वापस कर दिया था अब भाजपा को प्रत्याशी वापस कर दिया था लेकिन अब बीजेपी का प्रत्याशी यहां पर सोनेलाल की पत्नी कृष्ण पटेल मुकाबले में है

डिप्टी सीएम के सामने पल्लवी पटेल

सोनेलाल पटेल की दूसरी बेटी पल्लवी पटेल एक ऐसी सीट और नेता के सामने खड़ी है जो चर्चा में है पल्लवी पटेल को समाजवादी पार्टी ने सिराथू सीट से केशव प्रसाद मौर्य के सामने खड़ा किया है पल्लवी पटेल खुद को अपना दल का नेता बताती है अपनी मां से रिश्ते अच्छे है लेकिन अपनी बहन से दूरियां है कई जानकर कह रहे है कि पल्लवी पटेल को अपने आपमें राजनीति भविष्य में स्थापित करने का यह बड़ा और सुनहरा मौका है अगर चुनाव जीतती है तो पहली बार विधायक बनेंगी ।

अनुप्रिया के ज्यादातर प्रत्याशी इसी चरण में

भाजपा ने अपनी सहयोगी अपना दल को इस विधानसभा चुनाव में कुल 17 सीटें दी है इसने सबसे अधिक प्रत्याशी 7 विधायकों का भविष्य इसी चरण में तय होगा ।इसलिए यह अनुप्रिया पटेल के लिए भी बहुत अहम है उत्तर प्रदेश और देश की राजनीति में अनुप्रिया पटेल जाना माना नाम है और अनुप्रिया की लोकप्रिय बहन और मां से अलग है ऐसे में इस चरण में अनुप्रिया और अपना दल की साख दांव पर है

 

 

Leave a Comment