Medical Courses After 12th: मेडिकल के क्षेत्र में 12वीं के बाद इन कोर्स से बनाए बेहतर करियर

Medical Courses After 12th: 12वीं के बाद बच्चों के दिमाग में एक ही सवाल होता है वो कौन-सा कोर्स करें ? किस फिल्ड में करियर बनाएं। अगर आपने साइंस 12वीं की है तो आपके पास बेहतरीन करीयर के लिए मेडिकल लाइन एक बहुत अच्छा विकल्प है।मेडिकल लाइन में अच्छा पैसा और इज्जत दोनों ही है। कोरोना वायरस जैसी महामारी के बाद मेडिकल फील्ड में स्पेशलिस्ट कर्मचारियों की डिमांड बढ़ गई है। मेडिकल सेक्टर आज के समय में तेजी से बढ़ रहा है। जिससे अब मेडिकल फील्ड से जुड़े कोर्सेज की डिमांड भी हर साल बढ़ रही है। यहां हम आपको उन पॉपुलर कोर्सेज की जानकारी दे रहे हैं जिन्हे आप 12वीं के बाद कर सकते हैं।

About Medical Courses after 12th

मेडिकल क्षेत्र में एमबीबीएस के अलावा शैक्षणिक शिक्षा की एक लंबी लिस्चट है। इसमें Medical Professionals Certificate Course मेडिकल प्रोफेशनल्स के लिए सर्टिफिकेट कोर्स, मेडिकल डिप्लोमा कोर्स, बैचलर डिग्री कोर्स, मास्टर डिग्री कोर्स और कई शॉर्ट टाइम नॉलेज बूस्टर कोर्स शामिल हैं। देश के शीर्ष मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए अपने +2 में पीसीबी या पीसीएमबी समूह वाले उम्मीदवार नीट 2021 परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। वैसे मेडिकल लाइन का सुनकर सबके दिमाब में एमबीबीएस की पढ़ाई आती है लेकिन ऐसे भी कई मेडिकल और पैरामेडिकल कोर्स उपलब्ध हैं, जिनमें प्रवेश के लिए NEET की आवश्यकता नहीं होती। NEET के बिना medical courses उन छात्रों के लिए बेहतरीन हैं, जो NEET क्वालीफाई नहीं कर पाते या MBBS / BDS करना नहीं चाहते। आज हम आपको मेडिकल लाइन से जुड़े सभी कोर्स के बारे में बताएंगे। जिससे आप अपना करियर बेहतर बना सकते है और अच्छी सैलरी पा सकते है।

Medical Courses List After 12th

बी.ए.एम.एस. (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) - 5.5 वर्ष
बी.डी.एस. (बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी) - 4 साल
बी.एच.एम.एस. (बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी) - 5.5 वर्ष
बी.ओ.टी. (व्यावसायिक चिकित्सा) - 3 वर्ष
बी.पी.टी. (फिजियोथेरेपी) - 4.5 वर्ष
बी.फार्म (बैचलर ऑफ फार्मेसी) - 4 वर्ष
बीएससी नर्सिंग - 4 साल
बी.यू.एम.एस. (यूनानी चिकित्सा) - 5.5 वर्ष
बी.एम.एल.टी. (बैचलर ऑफ मेडिकल लैब टेक्निशियन) - 3 साल
डी.एम. (डॉक्टरेट इन मेडिसिन) - 2 से 3 साल
डी.फार्म (आयुर्वेदिक, सिद्ध चिकित्सा) - 2 वर्ष
डीएमएलटी (मेडिकल लैब तकनीशियनों का डिप्लोमा) - 1 वर्ष
M. B. B. S. (बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी) - 5.5 वर्ष

Medical Courses With NEET After Class 12th

.MBBS- बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी) – एमबीबीएस मेडिकल क्षेत्र में मेडिसिन और सर्जरी में स्नातक की डिग्री है, जो भारत सहित कई देशों में प्रदान की जाती है। MBBS कोर्स की डिमांड सबसे ज्यादा रहती है। इसमें एडमिशन के लिए NEET EXAM पास करना होता है। यह 5.5 वर्षीय कोर्स है। आवेदक नीट परीक्षा पास करने के बाद देश में स्थित विभिन्न मेडिकल कॉलेज में एडमिशन ले सकते है। आवेदकों को भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के साथ 12 मानकों के साथ किया जाना चाहिए। इसके बाद आप 2.8 लाख से 65 लाख रूपए तक आराम से कमा सकते है।

चिकित्सा पाठ्यक्रमों के लिए कुछ विश्वविद्यालयों के नाम दिए गए हैं (Universities for medical course)

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली
क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज (सीएमसी), वेल्लोर
सशस्त्र बल मेडिकल कॉलेज (एएफएमसी), पुणे
जिपमर कॉलेज, पुडुचेरी
ग्रांट मेडिकल कॉलेज, मुंबई
कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज (केएमसी), मणिपाल
किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज, सीएमएम मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ
मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज (एमएएमसी), दिल्ली
लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (एलएचएमसी), दिल्ली
मद्रास मेडिकल कॉलेज, चेन्नई
मेडिकल कोर्स: बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी (एमबीबीएस)


MBBS COURSE DETAILS & SALARY (एमबीबीएस कोर्स विवरण और वेतन)


कोर्स फीस- 35000 से 2 लाख रुपये 
औसत वार्षिक वेतन - INR 2.8 LPA - INR 65 LPA
पाठ्यक्रम की अवधि - 51/2 वर्ष (कार्यक्रम के 41/2 वर्ष + इंटर्नशिप के लिए 1 वर्ष)
पाठ्यक्रम शुल्क - INR 25,000 प्रति वर्ष - INR 21 लाख प्रति वर्ष
न्यूनतम योग्यता आवश्यक 10+2
प्रासंगिक क्षेत्र- चिकित्सा
चयन प्रक्रिया- प्रवेश परीक्षा

BAMS- बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी

BAMS- बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) – BAMS चिकित्सा क्षेत्र की आयुर्वेदिक प्रणाली में स्नातक की डिग्री है। भारत में, आयुर्वेदिक शिक्षा को सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन (सीसीआईएम) द्वारा नियंत्रित किया जाता है। यह भी डॉक्टरी कोर्स होता है यह भी MBBS की तरह ही 5.5 वर्षीय कोर्स है। जिसमें 1 साल इंटर्नशिप करनी जरूरी है। इस कोर्स के बाद आपकी सलाना आय लाखों में होगी।

BHMS- बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी

BHMS भारत में होम्योपैथिक शिक्षा में स्नातक की डिग्री है, जो राष्ट्रीय होम्योपैथी संस्थान द्वारा दी जाती है।बैचलर ऑफ होम्योपैथी मेडिसिन एंड सर्जरी कोर्स के लिए 12वीं के बाद आवेदन किया जा सकता है। यह भी 5.5 वर्षीय कोर्स होता है इसमें भी एक साल की इंटर्नशिप करनी जरूरी होती है। होम्योपैथी कोर्स करने के बाद आप अपना खुद का क्लिनिक खोल सकते हैं। जिसमें आपकी अच्छी इनकम होगी।

बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी

BDS- बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी का कोर्स भी काफी डिमांड में रहता है यह कोर्स भी 4 साल का होता है। इस कोर्स में दाखिले के लिए नीट परीक्षा देनी होती है। इस कोर्स को डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया आयोजित करती है। इस कोर्स के बाद आप 3 से 4 लाख रूपए आराम से कमा सकते है।

बीएससी नर्सिंग – बीएससी का मकसद नर्सिंग कार्यक्रम स्वास्थ्य देखभाल टीम के सदस्य के रूप में योग्य नर्सों को तैयार करना है। ये 4 वर्षीय कोर्स है इसके लिए उम्मीदवार को न्यूनतम 45% अंकों के साथ भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के साथ 10+2 उत्तीर्ण होना चाहिए। इस कोर्स के बाद आप सलाना 3 से 4 लाख रूपए कमा सकते है।

B.VSc- यह भी 5 वर्षीय कोर्स है है जिसमें जानवरों की दवाइयां और उनसे जुड़ी बिमारियों की पढ़ाई होती है। B.VSc कोर्स करने के बाद आप अपना जानवरों से जुड़ा क्लिनिक खोल सकते हैं। इस कोर्स के बाद आपकी आय 2 से 5 लाख के बीच हो सकती है।

बी.फार्म (बैचलर ऑफ फार्मेसी) –
B.Pharm कक्षा 12वीं के बाद विज्ञान के छात्रों के बीच लोकप्रिय नौकरी उन्मुख पाठ्यक्रम में से एक है। इस कोर्स में छात्र दवाओं और दवाओं, फार्मास्युटिकल इंजीनियरिंग, मेडिसिनल केमिस्ट्री आदि के बारे में अध्ययन करते हैं। यह कोर्स सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में नौकरी के अवसर देता है। इसके लिए उम्मीदवार को जीव विज्ञान / गणित के साथ कम से कम 50% अंकों के साथ 10 + 2 या डी.फार्म (फार्मेसी में डिप्लोमा) उत्तीर्ण होना चाहिए। इस डिग्री में फार्मेसी का ज्ञान शामिल है।

Medical Courses: Bachelor Of Physiotherapy 

बी.पी.टी (फिजियोथेरेपी) – फिजियोथेरेपी अस्थायी विकलांग लोगों को उनके पुनर्वास में मदद करती है। ये 4 साल का कोर्स है। इसके लिए उम्मीदवार को भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान में न्यूनतम 50% अंकों के साथ 12 वीं कक्षा या समकक्ष उत्तीर्ण होना चाहिए। भारत में एक फिजियोथेरेपिस्ट का प्रारंभिक वेतन रु। प्रति वर्ष 2 से 2.5 लाख है। लेकिन अनुभव और उच्च डिग्री प्राप्त करने के बाद वेतन को कंपनी के आधार पर 5 लाख तक बढ़ाया जा सकता है।

बीओटी (व्यावसायिक चिकित्सा) –
बीओटी ऑक्यूपेशनल थेरेपी लोगों को उनके रोजमर्रा के जीवन में सक्षम बनाने में मदद करती है और भावनात्मक और शारीरिक रूप से विकलांग लोगों का इलाज करती है। ये तीन साल का कोर्स है। इसके लिए उम्मीदवार को फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के साथ 10+2 पास होना चाहिए।

B.U.M.S (यूनानी चिकित्सा)
BUMS की डिग्री BAMS के बराबर होती है, लेकिन यूनानी दवाओं में। उम्मीदवार को फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के साथ 10+2 पास होना चाहिए। 10वीं कक्षा या समकक्ष शिक्षा तक उर्दू अनिवार्य है। BUMS (बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी) यूनानी चिकित्सा और सर्जरी के क्षेत्र में एक स्नातक डिग्री प्रोग्राम है। प्रवेश के समय उम्मीदवार की आयु न्यूनतम 17 वर्ष होनी चाहिए। ये डिग्री 5.5 साल के शैक्षणिक कार्यक्रम के पूरा होने के बाद प्रदान की जाती है। जिसमें 4.5 साल का शैक्षणिक सत्र और लाइव प्रैक्टिकल के साथ 1 साल का इंटर्नशिप कार्यक्रम होता है। यूनानी प्रणाली में स्नातक कार्यक्रम को दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के माध्यम से आगे बढ़ाया जा सकता है। सरकारी क्षेत्र में एक यूनानी डॉक्टर का वेतन 12000 से 15000 प्रति माह है जबकि निजी क्षेत्र में वेतन 15000 प्रति माह से शुरू होता है। 2-4 साल के अनुभव के साथ, प्रति माह 20000 से 25000 जैसा अच्छा वेतन मिल सकता है।

डी.फार्मा (आयुर्वेदिक, सिद्ध चिकित्सा)

यह आयुर्वेदिक दवाओं की फार्मेसी में एक मेडिकल डिप्लोमा कोर्स है। उम्मीदवार को फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के साथ 10+2 पास होना चाहिए। कोर्स पूरा होने के बाद, छात्रों को उद्योग में निम्नलिखित नौकरी की पेशकश की जाएगी – फार्मासिस्ट, वे सरकारी क्षेत्र में ड्रग इंस्पेक्टर या फार्मासिस्ट के रूप में काम कर सकते हैं, केमिस्ट खोल सकते है, या एक दवा निर्माण कंपनी या शिक्षा क्षेत्र में व्याख्याता के रूप में काम कर सकते हैं।

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