Criminal Justice : भविष्य में कानून की राहें आपका स्वागत कर रही

अगर कानून के लिहाज से बात करें तो देश में दो तरह के लोग है एक वो जो कानून से कोसों दूर रहना चाहते है तो दूसरे वो जिनके लिए कानून के साथ खिलवाड़ करना बाएं हाथ का खेल है ऐसे कौन लोग है आप खुद जानते है तभी तो आज कोई भी क्षेत्र कानून से अक्षूता नहीं है ।

कानून (Law)

आज युवाओं के लिए लॉ में भविष्य बनाना बड़ी बात नहीं है जैसे पहले था जब राष्ट्रपिता महात्मा गांधी विदेश से वकालत करके आए थे। आर्थिक गतिविधियों के विकास और डिजिटल दौर के बाद से आज वकालत दायरा बढ़ता ही जा रहा है । नतीजा यह है कि निजी क्षेत्र में काम के नए अवसर बन रहे हैं तो आइए जानते है आपकी वकालत से जुड़े सारे तथ्य साथ ही कहां से करें लॉ कैसे मिलेंगे अवसर । तो आइए जानते है ।

समाज और साइबर से कैसे जुड़ीं कानून की राहें

आज के दौर में जितने भी क्षेत्र आपके सामने है वह ना तो समाज से दूर नहीं है और साइबर की गिरफ्त में भी है नहीं समझ आया कोई बात नहीं आपको आसान भाषा में समझाएंगे । शायद ही ऐसा कभी होता हो की समाज में रहने वाले किसी परिवार को वकील की जरूरत न पड़े ।

साइबर की दुनिया में अपराध न होते हो । तभी तो सामान्य जीवन की गतिविधियों से लेकर औधोगिक , साइबर एक्सपर्ट जैसी हर गतिविधि के लिए कानून के जानकारों की जरूरत पड़ती है । यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण पक्ष है जिसकी हर जानकारी योजनाओं के स्तर भी होनी चाहिए ।एक खास बात आज के नए दौर की बात करें तो कानून के जानकारों के लिए कारपोरेट वर्क कल्चर भी सामने आया है ।इसलिए युवाओं के लिए यह स्थाई और विकास की तमाम संभावनाओं से भरा करियर हो सकता है । आज के युवा कुछ नया और अलग करना चाहते है अपने भविष्य की नई आकांक्षा के साथ आगे बढ रहे है

क्या मिलेगा कानून के पाठक्रमों में

जब आप कुछ अलग तरह की राहें भविष्य के लिए चुनते है तो डर लाजमी होता है लेकिन अगर आपने उसके बारे में सबकुछ अच्छी तरह पता कर लिया तो वही डर आगे बढ़ने में आपका साथी बन जाता है । कानून के पाठक्रमों की बात करें तो आपको क्रिमिनल लॉ, कारपोरेट लॉ, बौद्धिक सम्पदा , पेटेंट कानून, फैमिली लॉ, बैंकिंग लॉ, टैक्स और साइबर लॉ एक बड़ा हिस्सा आपको मिलता है ।

इसमें प्रवेश के लिए एलएलबी कि डिग्री मिलने के बाद वकालत करने के लिए अपने स्टेट में बार काउंसिल एनरोल कराने की जरूरत होती है कई लोग उसे हाई प्रोफाइल और सुपर स्पेसलाइजड फिल्ड मानते है । सभी क्षेत्र में शामिल रहने की वजह से हम इसे न्यू इमर्जिंग फिल्ड भी कह सकते है । इसमें आपको सरकारी और प्राइवेट दोनों सेक्टर के मौके मिल जाते है ।

क्या होगी प्रवेश परीक्षा और कोर्स

ज्यादातर बड़े कोर्सों में देखा गया है कि प्रवेश के लिए इंट्रेंस एग्जाम देना पड़ता है यहां भी वैसा ही है । भारत के किसी कोने से अगर आप लॉ कोर्सेज में प्रवेश लेने के लिए सोच रहे है तो आपको प्रवेश परीक्षा देनी होगी ।इनमें से क्लैट मतलब सीएलटी, एआईएलईटी, एलसैट इंडिया प्रमुख है.

अब आगे समझते है

बैचलर डिग्री कोर्सेज भी समझ लीजिए । बैचलर ऑफ लॉ मतलब एलएलबी कोर्स के दो विकल्प उपलब्ध है , ग्रेजुएशन के बाद डिग्री के बाद कर सकते है । तो वहीं अंडर ग्रेजुएट छात्रों के लिए पांच वर्ष वर्ष की अवधि का इंटीग्रेटेड कोर्स है अगर बात मास्टर डिग्री की जाए तो मास्टर ऑफ़ लॉ एक वर्ष या अधिक वर्षों के लिए हो सकता है इसके लिए आपको किसी मान्यता प्राप्त युनिवर्सिटी से कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ एलएलबी की डिग्री अनिवार्य है

कहां और कैसे मिलेगा काम

जैसा की हमने आपको उपर बताया कि इसमें सरकार और निजी दोनों क्षेत्रों में अवसर है । पहले सरकारी मौके समझ लेते है ।बार काउंसिल की परीक्षा पास होने के बाद आप सरकार और उसके विभिन्न विभागों के लिए केस लड़ सकते है । यहीं नहीं । लॉ करने के बाद आप बतौर एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में केस लड़ सकते है ।

डिस्ट्रिक्स कोर्ट में प्रैक्टिस कर सकते है । शुरुआती दौर में आप अपने सीनियर एडवोकेट के नीचे प्रैक्टिस कर सकते है । निजी क्षेत्र में ज्यादातर देखा गया है कि बड़े घरानों और व्यापारिक समस्याओं में समाधान के लिए लीगल एनालिस्ट की जरूरत पड़ती है इसके लिए आपको प्रतिवर्ष 5 से 10 लाख मिल सकते हैं साथ ही लीगल जर्नलिस्ट की भी जरूरत होती है ।

संस्थान और सैलरी

देशभर में बहुत संस्थान है बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी, गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी , नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट युनिवर्सिटी भोपाल से कर सकते है । सैलरी की बात करें तो प्रतिवर्ष आपको 10 लाख का पैकेज मिल सकता है अनुभव और योग्यता के अनुसार आप प्रतिमाह 80 हजार तक सैलरी पा सकते है

Leave a Comment